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Wednesday, 17 June 2015

आज फिर मुस्कुराने को दिल करता है

ज़िन्दगी की भागा दौड़ी से भाग जाने को दिल करता है
आज फिर मुस्कुराने को दिल करता है 

दिल के अरमां हैं झिलमिल से
कभी पूरे तो कभी अधूरे रह जाते हैं
पर हर अरमां को हकीक़त में बदलने को दिल करता है
आज फिर मुस्कुराने को दिल करता है 

कल किसने देखा, जीना है तो जियो आज
ज़िन्दगी के दो पलों में, छेड़ो मस्ती का कोई साज़
इस साज़ को गुनगुनाने को दिल करता है
आज फिर मुस्कुराने को दिल करता है 

यारी दोस्ती से बढ़कर है यारों का साथ
बेपरवाह, बेफिक्र, युहीं कट जाएं दिन और रात
इन्हीं यारों की यारी निभाने को दिल करता है
आज फिर मुस्कुराने को दिल करता है 

ज़िन्दगी से कुछ पल चुराकर, इन पलों में ज़िन्दगी जीना
मस्ताना मौसम, हसीं वादियां, और तान के अपना सीना
युहीं कारवां रोशन करने को दिल करता है
आज फिर मुस्कुराने को दिल करता है 

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